यूपी:इलाहाबाद हाईकोर्ट ने योगी सरकार को कहा नाम भावनाओं के आधार पर नही बदला जाता

M Qaisar Siddiqui

M Qaisar Siddiqui

07 December 2018 (Publish: 07:12 AM IST)

मिल्लत टाइम्स,नई दिल्ली: योगी सरकार ने हाईकोर्ट में दाखिल किया हलफनामा: जिले का नाम बदला, शहर अब भी इलाहाबाद ही है
प्रयागराज: यूपी की योगी सरकार द्वारा संगम के शहर इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज किये जाने के फैसले के खिलाफ दाखिल अर्जियों पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई है. सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने अपना जजमेंट रिजर्व कर लिया है. चीफ जस्टिस की अगुवाई वाली डिवीजन बेंच इस मामले में अगले हफ्ते अपना फैसला सुनाएगी. अदालत ने इस मामले में योगी कैबिनेट के मिनट्स और नोटिफिकेशन के सभी रिकार्ड तलब कर लिए थे.

योगी सरकार की तरफ से आज अदालत में जो दलीलें पेश की गईं, कोर्ट उससे संतुष्ट नहीं हुई. सुनवाई के दौरान अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि नाम बदलने की प्रक्रिया भावनाओं के आधार पर नहीं, बल्कि क़ानून व नियमों के आधार पर होती है. मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस गोविन्द माथुर और जस्टिस वाई के श्रीवास्तव की डिवीजन बेंच में हुई.

इलाहाबाद हेरिटेज सोसाइटी समेत बारह पूर्व अफसरों- जन प्रतिनिधियों व प्रोफेसरों द्वारा दाखिल की गई पीआईएल में यूपी रेवेन्यू कोड की उस धारा 6 को चैलेंज किया गया था, जिसके तहत इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज किया गया है. अर्जी में कहा गया कि लोगों की आपत्ति के बिना ही जिला बदलने का अधिकार दिए जाने वाली रेवेन्यू कोड की यह धारा असंवैधानिक है. इसलिए इसे ख़त्म कर दिया जाना चाहिए और इसके तहत इलाहाबाद का नाम बदले जाने की प्रक्रिया को भी रद्द कर देना चाहिए.

याचिकाकर्ताओं की वकील सैयद फरमान अब्बास नकवी की तरफ से कोर्ट में यह भी दलील दी गई है कि रेवेन्यू कोड की जिस धारा के तहत नाम बदला गया है, उसमे भी प्रस्ताव के बाद लोगों से आपत्ति मंगाने और उसे दूर करने के पैंतालीस दिनों के बाद ही नाम व सीमा बदलने का नियम है, लेकिन योगी सरकार ने सिर्फ कैबिनेट बैठक से ही यह फैसला ले लिया.

गौरतलब है कि यूपी की योगी सरकार ने इसी साल सोलह अक्टूबर को कैबिनेट से प्रस्ताव पास कराने के बाद अठारह अक्टूबर को नोटिफिकेशन जारी कर इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज कर दिया था. हालांकि नाम बदले जाने के फैसले के खिलाफ दाखिल एक अर्जी को हाईकोर्ट खारिज भी कर चुका है, लेकिन इस अर्जी को अदालत ने सुनवाई के लिए मंजूर करते हुए योगी सरकार से जवाब तलब कर लिया है. नाम बदले जाने के मामले में जैक सेवा ट्रस्ट, एडवोकेट सुनीता शर्मा और एडवोकेट शाहिद सिद्दीकी समेत पांच अन्य लोगों ने भी अर्जी दाखिल की हुई है.

Scroll to Top