सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर घटाई एक्साइज ड्यूटी, कांग्रेस बोली- ‘900 चूहे खाकर बिल्ली हज को चली’

M Qaisar Siddiqui

04 October 2018

M Qaisar Siddiqui

नई दिल्ली ( 4 अक्टूबर ): केंद्र सरकार की ओर से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में प्रति लीटर 2.50 रुपये की कटौती के ऐलान के बाद महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, त्रिपुरा और झारखंड की सरकारों ने भी इतनी ही कटौती की घोषणा की है। यानी इन राज्यों में ग्राहकों को 5 रुपये प्रति लीटर की राहत मिल गई है।

इस बीच कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मोदी सरकार पर हमला बोला है। कांंग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, “नौ सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली। महंगाई आज हाथी के समान और कटौती चींटी के समान। इसीलिये देश कहता है मोदी सरकार बेईमान है।”

कांग्रेस नेता ने कहा, “5 राज्यों में चुनावी हार को सामने देख और जनता के भयंकर गुस्से से घबराकर मोदी सरकार ने आज चींटी जैसी मात्रा में केंद्रीय उत्पाद शुल्क कम करने की घोषणा की है। मोदी जी आप जनता को अब बेवकूफ नहीं बना सकते और पेट्रोल-डीजल की लूट पर जवाब देना पड़ेगा।” सुूरजेवाला ने कहा कि मोदी सरकार ने 52 महीने में जनता की जेब काटकर 13 लाख करोड़ क्यों लूटा? जेटली जी आए दिन झूठ बोलते हैं।

सुरजेवाला ने कहा कि मोदी सरकार 12 बार केंद्रीय उत्पाद शुल्क बढ़ाने के बाद डेढ़ रुपया कम करके झूठी वाहवाही लूट रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और वित्त मंत्री बताएंगे कि उन्होंने 52 महीनों में केंद्रीय उत्पाद शुल्क में 12 बार इजाफा क्यों किया?

कांग्रेस नेता ने कहा कि मोदी जी और जेटली जी क्या भूल गए हैं कि कच्चे तेल की कीमत कांग्रेस सरकार के समय औसतन 100 डॉलर प्रति बैरल रही। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार 29 देशों को मात्र 37 रुपया प्रति लीटर में डीजल बेच रही है। सुरजेवाला ने पूछा कि मोदी जी 29 देशों को सस्ता डीजल और पेट्रोल क्यों बेच रहे हैं? वहीं दिल्ली के सीएम केजरीवाल ने भी मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि मोदी सरकार को कम से कम 10 रूपए एक्साइज ड्यूटी कम करनी चाहिए।

इससे पहले वित्त मंत्री ने राज्यों से भी इसी तरह की कटौती की अपील करने की बात कही, जिसके बाद बीजेपी शासित राज्यों ने तत्परता दिखानी शुरू कर दी। संभव है कि अन्य राज्य भी पेट्रोल-डीजल के दाम घटाने का ऐलान कर करें। गौरतलब है कि वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गुरुवार को 2.50 रुपये की कटौती की घोषणा के बाद राज्यों से कहा कि वे भी इतनी ही कटौती करके ग्राहकों को 5 रुपये की राहत दें।

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