ओवैसी ने एंकर से कहा- मुझे जोश मत स‍िखाइए, मोदी से एक सवाल पूछ कर द‍िखाइए

M Qaisar Siddiqui

M Qaisar Siddiqui

23 August 2017 (Publish: 01:08 PM IST)

ओवैसी ने एंकर से कहा- मुझे जोश मत स‍िखाइए, मोदी से एक सवाल पूछट्रिपल तलाक के मुद्दे पर हो रही बहस में असदुद्दीन ओवैसी और एंकर चित्रा त्रिपाठी के बीच गहमागहमी हो गई।

तीन तलाक पर बहस के दौरान एबीपी न्‍यूज एंकर और एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी के बीच तूतू-मैंमैं हो गई। इसका वीडियो फेसबुक पर वायरल हो गया है, जिसे अब तक करीब 6 लाख बार देखा जा चुका है। वीडियो पर 20 हजार लाइक्‍स हैं और 13 हजार लोगों ने इसे शेयर किया है। एबीपी न्‍यूज एंकर चित्रा त्रिपाठी और ओवैसी के बीच हुई तकरार कुछ तरह हुई।

चित्रा: आपने सुना है तो जोश के साथ आपको स्‍वागत करना चाहिए इस बात का।

ओवैसी: हम्‍म।

चित्रा: मैं तो बस इतना कह रही हूं।

ओवैसी: मैडम मुझे आपसे जोश सीखने की जरूरत नहीं है।

चित्रा: सर मैं सिखा भी नहीं रही हूं, मैं तो निवेदन कर रही हूं ओवैसी साहब।

ओसी: मैं आपसे सीखने को तैयार भी नहीं हूं। मेरे पास बेहतरीन माकूल उस्‍तादीमा हैं। मैं सीख लूंगा। चूंकि आपने मुझे बुलाया है यहां तो मैं अर्ज कर रहा हूं।

चित्रा (बात को काटते हुए) : हम शब्‍दों की बाजीगरी में फंसेंगे तो शायद… मेरा तो सवाल ये है कि ये महिलाएं जो मुस्लिम समुदाय से ताल्‍लुक रखती हैं, जरा इनके बारे में भी तो सोचिए। अगर उनको न्‍याय मिला है तो इनके बारे में भी दो बोल बोलें ओवैसी साहब। हर मुद्दे पर आप बेबाक राय रखते हैं, मोदी सरकार को घेरते हैं, सबके ऊपर कड़ी टिप्‍पणी करते हैं, मगर आज अगर खुशी का मौका है तो वो खुशी दिखनी भी तो चाहिए।

ओवैसी: बिल्‍कुल। क्‍या करूं मैं खुशी दिखाने के लिए? बताइए आपके पास खुशी का पैमाना क्‍या है? क्‍या अब मुझे देशभक्ति, खुशी सब आप लोगों से सीखना पड़ेगा?

चित्रा: नहीं सर।

ओवैसी: आप बताइए, आप वजीर-ए-आजम से पूछिए कि उनकी बीवी उनके घर में क्‍यों नहीं रह रही है? उस औरत के हक का क्‍या होगा? अब आप देखिए कि आप चेहरे का रंग किस तरह बदल जाता है। पूछते क्‍यों नहीं हैं आप? सबसे बड़ा मसाला बेवाओं का है।

चित्रा: सर देखिए, हम लोग कहां जा रहे हैं। सवाल तीन तलाक को लेकर खड़ा हो रहा है। यही तो दिक्‍कत है। मुझे समझ में नहीं आता कि मुस्लिम महिलाओं के हक को लेकर आवाज बुलंद होती है तो आप जैसे नेता उसका विरोध करते हैं।

ओवैसी: यही तो परेशानी आपसे है न। आपकी परेशानी ये है कि प्रधानमंत्री के खिलाफ मत बोलो। आप क्‍वेश्‍चन करेंगे कि हम मुसलमान महिलाओं के गम में शामिल नहीं हैं। आप वहां बैठकर जजमेंटल हो जाती हैं। अगर इंसाफ मिलना है तो मैं संबित से कहूंगा कि आप मुस्लिम महिलाओं को शिक्षा में 7 फीसदी रिजर्वेशन दे दीजिए।

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